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समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करने के लिए क्या करें इस श्रावण(सावन) के महीने..?

1) जलाभिषेक

पांच तत्व में जल तत्व बहुत महत्वपूर्ण है। सावन मास में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक का बड़ा महत्व है। वेद मंत्रों के साथ भगवान शंकर को जलधारा अर्पित करना साधक के आध्यात्मिक जीवन के लिए महाऔषधि के सामान है। पुराणों ने शिव के अभिषेक को बहुत पवित्र महत्व बताया गया है। जो भक्त, श्रद्धालु भगवान शिव को जल चढ़ाते हैं उनके रोग-शोक, दुःख दरिद्र सभी नष्ट हो जाते हैं।

2) ढूध से अभिषेक

दूध को चंद्र ग्रह से संबंधित माना गया है क्योंकि दोनों की प्रकृति शीतलता प्रदान करने वाली है। इसीलिए सावन में हर सोमवार महादेव पर दूध अर्पित करना चाहिए।

3) सोमवार का व्रत

सोमवार भगवन शव का बहुत ही प्रिय दिन है और मान्यता है की इस दिन का व्रत करने से हर व्रतधारी को दुख, कष्ट और परेशानियों से छुटकारा मिल जाता है।  सुखी और समृद्ध जीवन का आनन्द प्राप्त होता है। इस दिन व्रत करने से अकाल मृत्यु से मुक्ति मिलती है, मनचाहा जीवनसाथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में आ रही परेशानियां दूर होती है। सावन में शिवजी की आराधना और सोमवार व्रत करने से शिव जी अत्यंत प्रसंन्न होते हैं।  कुंवारी कन्या यदि इस पूरे महीने व्रत रखती हैं तो उन्हें मनपसंद जीवनसाथी का सुख प्राप्त होता है।

4) बेलपत्र और समीपत्र

एक बार जब ऋषियों ने महादेव को प्रसन्न करने का तरीका ब्रह्मदेव से पुछा तो उन्होंने बताया कि महादेव सौ कमल चढ़ाने से जितने प्रसन्न होते हैं, उतना ही एक नीलकमल चढ़ाने पर होते हैं। और एक हजार नीलकमल के बराबर एक बेलपत्र होता है और एक हज़ार बेलपत्र को एक समीपत्र का महत्व होता है। इसीलिए भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए बेलपत्र और समीपत्र चढ़ाया चाहिए।

5) गरीबों को भोजन

गरीबों को भोजन करवाने से हमेशा पुण्य की प्राप्ति होती है।  ऐसा माना गया है की सावन में गरीबों को भोजन कराने से घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती और साथ ही पितरों को भी शांति मिलती है।


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