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अगर नहीं कर पाएं है श्राद्ध तो क्या करें..? जाने कैसे दूर होगा पितृ दोष..!

श्राद्ध पितरों की शांति और संतुष्टि के लिए किये जाते है हर मनुष्य को जीवन में सुख और समृधि पाने के लिए और अपने पितरों को खुश करने पूरे विधि-विधान से श्राद्ध कर्म करना चाहिए अन्यथा पितृ नाराज़ होते है जिसके चलते कई लोगों को पितृ दोष का सामना करना पड़ता है जो लोग किसी कारण वश श्राद्ध नहीं कर पातें उनके लिए एक निवारण है “सर्वपितृ अमावस्या” इसे सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या भी कहा जाता है श्राद्ध में पितरों को प्रसन्न करने का और उनसे आशीष पाने का यह अंतिम अवसर होता है। पितरों को पूरी तरह संतुष्ट करके अमावस्या पर उनके लोक के लिए विदा किया जाता है।

सर्वपितृ अमावस्या का  बहुत ही महत्व है जो व्यक्ति पंद्रह दिनों तक श्राद्ध, तर्पण या पितरों की संतुष्टि के लिए यत्न नहीं कर पाते या कोई भूल-चूक सुधारनी हो वह इस दिन अपने पितरों का पिण्डदान या श्राद्ध कर सकते हैं। जिनके मरने की तिथि याद नहीं है, उनका श्राद्ध अमावस्या के दिन करना चाहिए ऐसा करने से हर पीड़ा से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति और प्रसन्नता का वरदान मिलता है

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सर्वपित्र अमावस्या के दिन दान का भी विशेष महत्त्व है. इस दिन दान कर्म अवश्य करना चाहिए. योग्य ब्राह्मणों को इस दिन अपने सामर्थ्य के अनुसार दान-दक्षिणा करनी चाहिए. इस दिन अगर कोई जरूरतमंद या भिखारी मिले तो उसे भी दान देना चाहिए और साथ ही साथ आदर और स्नेह से भोजन करवाना चाहिए। ऐसा करने से श्राद्ध कर्म पूर्ण हो जाता है।


1 comment

  • Please do sewa ,respect ,obey all order and Take care all times like a baby strictlyas per GOD order to your parents at last aged days
    Then you can do after its to give dan or Pooja ,that one no value to them

    Ravinder groverl

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