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जानिए मासिक शिवरात्रि की महत्वता और पूजा विधि..!

जानिए मासिक शिवरात्रि की महत्वता और पूजा विधि..!

हिन्दू धर्म में मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व है। जहाँ वर्ष में एक बार शिव भक्तों द्वारा धूमधाम से महाशिवरात्रि मनाई जाता है वही वर्ष के प्रत्येक महीने में एक मासिक शिवरात्रि मनाने की परंपरा हैं। मासिक शिवरात्रि कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। मान्यता हैं की महा शिवरात्रि के दिन मध्य रात्रि में भगवान शिव “लिंग” के रूप में प्रकट हुए थे...
जानिए प्रदोष व्रत विधि की विशेष बातें...!

जानिए प्रदोष व्रत विधि की विशेष बातें...!

प्रदोष व्रत भगवान शिव को प्रसन्न रखने के लिए किया जाता है यह दिन बहुत ही शुभ होता है और भगवान शिव और माँ पार्वती को समर्पित किया जाता है ऐसी मान्यता है की इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से दरिद्रता दूर होती है, सभी पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है...
जानिए भगवान शंकर के लिए किए जाने वाले "प्रदोष व्रत" का महत्त्व और कथा..!

जानिए भगवान शंकर के लिए किए जाने वाले "प्रदोष व्रत" का महत्त्व और कथा..!

प्रदोष व्रत साल में कई बार आता है कई बार यह व्रत महीने में दो बार भी आ जाता है लेकिन हर बार इस व्रत से मिलने वाला लाभ अलग होता है..! प्रदोष व्रत शिवजी को प्रसन्न रखने के लिए किया जाता है। प्राचीन काल में एक विधवा स्त्री अपने पुत्र को लेकर भिक्षा लेने जाती थी और संध्या को लौटती थी। एक दिन जब वह भिक्षा लेकर वापिस आ रही थी तो...

उत्पन्ना एकादशी व्रत व पूजा विधि:

उत्पन्ना एकादशी व्रत व पूजा विधि:

उत्पन्ना एकादशी की बहुत ही महत्वता है। एकादशी देवी विष्णु की माया से प्रकट हुई थी। जो व्यक्ति इस दिन उत्पन्ना एकादशी का व्रत रखता वह विष्णु लोक में स्थान पाने योग्य बन जाता है। साथ ही साथ उसके सभी पापों से उसे मुक्ति मिलती है..! माना जाता है इस दिन व्रत करने से हजारों यज्ञों का फल भी मिलता है...
जानिए सबसे अनोखी एकादशी "उत्पन्ना एकादशी" का महत्त्व एवं कथा..!

जानिए सबसे अनोखी एकादशी "उत्पन्ना एकादशी" का महत्त्व एवं कथा..!

यू तो एकादशी से सम्बंधित बहुत सारी व्रत कथाएं हैं लेकिन मार्गशीर्ष मास में आने वाली यह “उत्त्पन्नी एकादशी” का सबसे अलग ही महत्त्व है ऐसा इसीलिए क्योंकि इसी दिन से एकादशी व्रत की शुरुआत हुई थी इस दिन एकादशी माता का जन्म हुआ था इसीलिए इस एकादशी को उत्पन्न एकादशी के नाम से जाना गया...
जानिए “इक ओंकार सतनाम” जैसे दोहों का सार और गुरु नानक देव जी के यह 10 अनमोल विचार:

जानिए “इक ओंकार सतनाम” जैसे दोहों का सार और गुरु नानक देव जी के यह 10 अनमोल विचार:

ऐसा माना जाता है की गुरु नानक का जन्म असल में 15 अप्रैल को हुआ था लेकिन उनका जन्मदिन हिन्दू केलिन्डर के हिसाब से नवम्बर में मनाया जाता है। गुरु नानक जयंती की बहुत सारी विशेष बातें हैं जो बहुत ही कम लोग जानते हैं...
तुलसी विवाह: माँ तुलसी और भगवान विष्णु की अनोखी कहानी एवं पूजा विधि..!!

तुलसी विवाह: माँ तुलसी और भगवान विष्णु की अनोखी कहानी एवं पूजा विधि..!!

भारत में तुलसी को अतुल्निय पौधा और सबसे पवित्र जड़ी बूटी का स्थान दिया गया है। लोग सुबह श्याम माँ तुलसी की पूजा करते है। तुलसी की नियमित पूजा करने से हमें सुख समृधि प्राप्त होती है। हिन्दू पुराणों में तुलसी विवाह की बहुत महत्वता है। देवउठनी एकादशी के बाद ही तुलसी विवाह मनाया जाता है...
जानिए काशी की प्रसिद्ध "देव दीपावली" का महत्त्व..!!

जानिए काशी की प्रसिद्ध "देव दीपावली" का महत्त्व..!!

चाहे शंखों की गूँज हो, हजारों मात्रा में चमचमाते हुए दिएं या आस्था में डूबे हुए भक्त, काशी की प्रसिद्ध देव दीपावली का हर वर्णन लाजवाब है। देश विदेश से हर साल लाखों की संख्या में लोग देव दीपवाली देखने आते हैं। देव दीपावली को देवताओं का दिन भी माना जाता है। देव दीपावली कार्तिक मास की पूर्णिमा में पड़ती है...
देवउठनी एकादशी व्रत कथा एवं पूजा विधि..!

देवउठनी एकादशी व्रत कथा एवं पूजा विधि..!

देवउठनी एकादशी, हिन्दू एकादशियों में से सबसे महत्वपूर्ण एकादशी मानी जाती है। इसी दिन भगवान विष्णु चार महीने बाद अपने निद्राकाल से बाहर आते हैं।  यह दिन बहुत शुभ होता है और इसी दिन बेहद प्रबल योग बनते हैं। इस दिन किसी भी कार्य का परिणाम सफल ही रहता है। हिन्दू मान्यताओं में देवउठनी एकादशी के दिन ही अधिकतर...
दिवाली पर क्यों लाते हैं लक्ष्मी-गणेश की नई मूर्तियाँ..?

दिवाली पर क्यों लाते हैं लक्ष्मी-गणेश की नई मूर्तियाँ..?

दिवाली पर भगवान गणेश और वैभव की दाता माँ लक्ष्मी की पूजा होती है। इस दिन शुभ मुहूर्त में सभी लोग पुरे विधि विधान और श्रधा भाव के साथ महालक्ष्मी, गणेश जी और कुबेर का पूजन करते है और अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखने की याचना करते हैं। दिवाली हिन्दू...
दिवाली 2017 विशेष : महालक्ष्मी पूजन मुहूर्त & विधि और जरूरी बातें जिनका रखना होगा ध्यान..!

दिवाली 2017 विशेष : महालक्ष्मी पूजन मुहूर्त & विधि और जरूरी बातें जिनका रखना होगा ध्यान..!

दिवाली भगवान राम के अयोध्या आगमन पर हुई थी। इस पर्व को महालक्ष्मी की प्रसन्नता का पर्व भी माना जाता है। दीवाली संसाधनों को देने वाली है। दिवाली के शुभअवसर पर महालक्ष्मी के साथ-साथ विवेक के देवता गणेश जी की भी पूजा करना भी अनिर्वार्य हो जाता है और साथ ही में सरस्वती माँ का भी पूजन किय्या जाता है...
छठ पूजा 2017: पूजा तिथि; भगवान राम, सूर्य पुत्र कर्ण और राजा प्रियव्रत से जुड़ी रोमांचक कहानियाँ..!

छठ पूजा 2017: पूजा तिथि; भगवान राम, सूर्य पुत्र कर्ण और राजा प्रियव्रत से जुड़ी रोमांचक कहानियाँ..!

छठ भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है जिसे भगवान सूर्य देव को समर्पित किया जाता है। उत्तर भारत में छठ पर्व की बहुत जयादा मान्यता है। महापर्व के नाम से मनाए जाने वाला यह पर्व 4 दिन तक चलता है जिसमे सभी श्रद्धालु लगातार  36 घंटे का निर्जला उपवास करते है...