News and guide to Indian Culture, festivals, practices, religion and God

जन्माष्टमी विशेष: जानिए श्री कृष्णा जन्म कथा और व्रत मान्यता…!

जन्माष्टमी विशेष: जानिए श्री कृष्णा जन्म कथा और व्रत मान्यता…!

जन्माष्टमी को श्री कृष्णा के जन्मोत्सव के रूप में पूरे भारत में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। भगवान कृष्ण का जन्म पृथ्वी पर अन्याय का विनाश करने, मानव जीवन की रक्षा करने और भक्तों के कष्टों को दूर करने के लिए हुआ था...
रक्षाबंधन के सन्दर्भ में महाभारत से जुड़ी अनोखी कहानी..!

रक्षाबंधन के सन्दर्भ में महाभारत से जुड़ी अनोखी कहानी..!

रक्षाबंधन को भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहन अपने भाई से रक्षा का प्रण लेती है और उसके लम्बे आयु की प्राथना करती है। इस साल रक्षाबन्ध, श्रावण मास के आखिरी सोमवार, यानि 7 अगस्त को है। चूंकि रक्षाबंधन श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है इसलिये इसका महत्व...
रक्षाबंधन विशेष: रक्षाबंधन और ग्रहण है एक ही दिन, क्या है शुभ मुहूर्त...?

रक्षाबंधन विशेष: रक्षाबंधन और ग्रहण है एक ही दिन, क्या है शुभ मुहूर्त...?

रक्षाबंधन सनातन धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना गया है। इस साल रक्षाबंधन बहुत ही ख़ास है क्योंकि इस साल यह पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि - सोमवार, 7 अगस्त 2017 को पड़ रहा है। इस साल विशेष बात यह भी है की रक्षाबंधन और खंडग्रास चन्द्र ग्रहण का एक साथ योग बन रहा है। यह खंडग्रास चन्द्रग्रहण संपूर्ण भारत में दृश्यमान होगा...
Here is how Hariyali Teej was celebrated in Vrindavan

Here is how Hariyali Teej was celebrated in Vrindavan

Teej signifies a generic name of number of festivals celebrated in India & Nepal. "Teej" refers to the "third" day that falls every month after the new moon (Amavasya), and the third day after the full moon night of every month. Teej also refers monsoon festivals that...!!

आखिर भगवान शंकर क्यों पीते थे भांग..?

आखिर भगवान शंकर क्यों पीते थे भांग..?

भांग को शिव जी का प्रसाद माना गया है और यही कारण है कि भक्त, शिव भक्ति में लीन होकर इसका सेवन जरूर करते है. यहाँ बहुत ही रोचक सवाल उठता है की भगवान शंकर इस प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन क्यों करते थे? दरअसल इसके पीछे पौराणिक कथा छिपी है. जब समुन्द्र मंथन के दौरान, जब दानव और दैत्य मिलकर अमृत पाने की चाह में समुद्र मंथन कर रहे थे, तब...
सालों बाद शिव प्रिय सावन माह में बन रहा है अनोखा संयोग, जानिए क्यों है ख़ास..?

सालों बाद शिव प्रिय सावन माह में बन रहा है अनोखा संयोग, जानिए क्यों है ख़ास..?

इस बार, भगवन शंकर का प्रिय माह – “सावन” बेहद ही खास माना जा रहा है. जानिए इस विशेषता के पीछे का कारण:

सावन की शुरुआत का विशेष योग: शिव भक्तों के लिए सावन का महीने सर्वप्रिय होता है क्योंकि इस समय भोलेनाथ की आराधना से विशेष फल प्राप्त होता है...

जानिए सावन के महीने में सोमवार का विशेष महत्व और व्रत विधि..!!

जानिए सावन के महीने में सोमवार का विशेष महत्व और व्रत विधि..!!

सावन का महिना शुरू हो गया है और यह महिना भगवन शिव जी को अर्पित किया जाता है।  सावन माह के शुरू होने के साथ ही शिवालयों में अभिषेक और पूजा का दौर बहुत ही जोरों-शोरों से शुरू हो जाता है। यह महिना भगवान शिव को बहुत ही प्रिय है जिसमें वह अपने भक्तों पर असीम कृपा बरसाते हैं। इस महीने में खासकर सोमवार के दिन व्रत-उपवास, पूजा पाठ का विशेष लाभ होता है...
जानिए महाकालेश्वर की भस्म आरती का रहस्य :

जानिए महाकालेश्वर की भस्म आरती का रहस्य :

भगवान शिव को समर्पित, महाकालेश्वर मंदिर, मध्यप्रदेश राज्य के उज्जैन नगर में स्थित है। इस मंदिर की बहुत मान्यता है और पुराणों, महाभारत और कालिदास जैसे महाकवियों की रचनाओं में इस मंदिर का बहुत ही सुन्दर रूप से वर्णन किया गया है।  देश के हर कोने से लोग इस मंदर के दर्शन करने आते है विशेषकर महाकुंभ के दौरान यहां भीड़ बढ़ जाती है।  फाल्गुनकृष्ण पक्ष की पंचमी से लेकर महाशिवरात्रि तक...
जानिए शिव ज्योतिर्लिंगों के अद्भुत रहस्य और उनकी मान्यता..!!

जानिए शिव ज्योतिर्लिंगों के अद्भुत रहस्य और उनकी मान्यता..!!

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, गुजरात राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित, यह मंदिर इस पृथ्वी का पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। ऋग्वेद में इसका वर्णन मिलता है और कहा जाता है की स्वयं चंद्रदेव ने इस शिवलिंग की स्थापना की थी। शिवपुराण के अनुसार जब चंद्रमा को दक्ष प्रजापति ने क्षय रोग होने का श्राप दिया था, तब चंद्रमा ने...
आखिर क्यों सोमनाथ कहलाता है अनादितीर्थ..?

आखिर क्यों सोमनाथ कहलाता है अनादितीर्थ..?

बारह ज्योतिर्लिंगों में सर्वप्रथम, गुजरात के सौराष्ट्र प्रान्त के प्रभास पाटन क्षेत्र में स्थित 'सोमनाथ धाम' शिव का अविनाशी तीर्थ है। सोमनाथ का तात्पर्य होता है 'सोम' या 'चन्द्र का स्वामी' जो स्वयं शम्बसदाशिव हैं। इसलिए इस धाम को 'सोमनाथ' या 'सोमेश्वर' कहा जाता है। सोमनाथ का वर्णन वेदों और पुराणों जैसे श्रीमद भागवत, स्कंद्पुराण, शिवपुराण व ऋग्वेद आदि में भी आता है...
शिव निवास स्थान "ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग" की अद्भुत कहानी..!!

शिव निवास स्थान "ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग" की अद्भुत कहानी..!!

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश में इंदौर के समीप स्थित है। इस ज्योतिर्लिंग के  पास नर्मदा नदी बहती है और पहाड़ी के चारों ओर नदी बहने से यहां ऊ...
समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करने के लिए क्या करें इस श्रावण(सावन) के महीने..?

समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करने के लिए क्या करें इस श्रावण(सावन) के महीने..?

पांच तत्व में जल तत्व बहुत महत्वपूर्ण है। सावन मास में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक का बड़ा महत्व है। वेद मंत्रों के साथ भगवान शंकर को जलधारा अर्पित करना साधक के आध्यात्मिक जीवन के लिए महाऔषधि के सामान है। पुराणों ने शिव के अभिषेक को बहुत पवित्र महत्व बताया गया है। जो भक्त, श्रद्धालु भगवान शिव को जल चढ़ाते हैं उनके रोग-शोक, दुःख दरिद्र सभी नष्ट हो जाते हैं।